बीकानेर। रेवाड़ी-बीकानेर रेल लाइन पर चूरू-दुधवाखरा रेल खंड के 27.98 किमी के दोहरीकरण कार्य को ऑटो सिग्नलिंग के साथ पूरा कर लिया गया है। अब इस रूट पर जल्द ही फर्राटे से ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। अच्छी बात ये है कि इससे रेल यात्रियों का समय भी बचेगा।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे पर इन्फ्रास्ट्रक्चर के कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं। इसी के तहत रेवाड़ी-बीकानेर रेल लाइन पर रतनगढ़-सादुलपुर के मध्य चूरू-दुधवाखरा रेल खंड के 27.98 किमी के दोहरीकरण कार्य को ऑटो सिग्नलिंग के साथ पूरा कर लिया गया है।
दुधवाखरा-सादुलपुर के बीच मार्च तक पूरा होगा काम
इस कार्य में मौजूदा 7 कर्वों को घुमाकर 2 स्थायी गति प्रतिबंध (परमानेंट स्पीड रेस्ट्रिक्शंस) हटाए गए हैं। इस कार्य में एक समपार (लेवल क्रॉसिंग) को भी हटाया गया है। चूरू-सादुलपुर खंड के दोहरीकरण कार्य को जनवरी 2024 में मंजूरी दी गई थी और मंजूरी के 2 वर्षों के भीतर ही खंड का 50 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। दुधवाखरा-सादुलपुर के बीच शेष 50 फीसदी खंड को मार्च 2026 तक पूरा करने की योजना है।
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चूरू-दूधवाखारा रेलखंड पर अब ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारू होगा। दोहरीकरण से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवा मिल सकेगी। अब इस रूट पर कम समय में अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। जिससे माल परिवहन क्षमता बढ़ेगी।

ट्रेन चलाने की थी मांग
बांदीकुई स्टेशन से काफी संख्या में मेहंदीपुरबालाजी जाने वाले श्रद्धालु आवागमन करते है। इसके अलावा काफी संख्या में लोग यहां से यात्रा करते हैं। इस रूट पर ट्रेन चलाने की मांग भी थी। गौरतलब है कि कोरोना से पहले बरेली-बांदीकुई ट्रेन का संचालन होता था। लेकिन कोरोनकाल के दौरान ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया था। लोगों की मांग को देखते हुए संचालन शुरू किया गया है।
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