मोदरान, धानसा और सेरना को यथावत रखने की मांग, सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
जगमाल सिंह राजपुरोहित मोदरान
मोदरान न्यूज।
भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों, बूथ अध्यक्षों और सक्रिय कार्यकर्ताओं ने ग्राम पंचायत मोदरान, धानसा और सेरना को भीनमाल पंचायत समिति से अलग किए जाने का विरोध जताया। इसे लेकर बुधवार को श्रीयादे मंदिर प्रांगण में संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पंचायत समिति के पुनर्गठन और परिसीमन को लेकर सरकार के प्रस्तावित बदलावों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि धानसा, सेरना और मोदरान को भीनमाल पंचायत समिति में यथावत नहीं रखा गया, तो तीनों गांवों के कार्यकर्ता पार्टी के जिला अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष को सामूहिक इस्तीफे सौंपने पर विवश होंगे।
बैठक का मुख्य मुद्दा पंचायत समिति का पुनर्गठन था। ग्रामीण नेताओं और बूथ अध्यक्षों ने तर्क दिया कि इन गांवों का भीनमाल पंचायत समिति के साथ पुराना भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक तालमेल रहा है। नई प्रस्तावित पंचायत समिति में शामिल होने से आम जनता को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि पंचायत समिति बदलने से विधायक और अधिकारियों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है, जिससे शिकायत निवारण और अन्य जनसुविधाएं प्रभावित होंगी। उनका मानना है कि इन तीनों गांवों की व्यवस्था और जनसरोकार भीनमाल पंचायत समिति से जुड़े रहे हैं, और इसे बदलना जनता के हित में नहीं होगा।
ग्रामीण कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में भी कई बार इन गांवों के साथ 'सौतेला व्यवहार' किया गया है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि यदि तीनों गांवों को भीनमाल पंचायत समिति में वापस नहीं जोड़ा गया, तो वे भाजपा संगठन के बड़े नेतृत्व को भी इस्तीफा देने की चुनौती देंगे।
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