विश्व धरोहरों में शामिल हैं भारत के 35 धरोहर,नालंदा विश्वविद्यालय भी
मोदरान न्यूज
जेजे राजपुरोहित
विश्व धरोहरों में भारत के एक-दो चीजें बल्कि पूरे 35 धरोहर विश्व धरोहर में शामिल हैं। विश्व संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण सभी धरोहर बहुमूल्य और दुर्लभ हैं।
भारत के इन धरोहरों को विश्व धरोहर में यूनेस्को के तत्वाधान में विश्व विरासत समिति द्वारा शामिल किया गया है। अभी हाल ही में 2016 में बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय का पुरातात्विक स्थल को शामिल किया गया है। बिहार के अलावा 2016 में चंडीगढ़ के केपिटल कॉम्प्लेक्स और सिक्कम के कंचनजंघा पार्क को शामिल किया गया है।
1983 में शामिल हुआ था भारत का पहला स्थल
विश्व धरोहरों में भारत का पहला स्थल 1983 में शामिल हुआ था। यह था महाराष्ट्र स्थित अजंता की गुफाएं। यूनेस्को द्वारा भारत में संरक्षित 32 स्थल हैं। वहीं विश्वभर में करीब 2031 स्थल विश्व धरोहर में शामिल हैं।
ये हैं भारत के धरोहर, जो हैं विश्व धरोहर
अजंता की गुफाएं, महाराष्ट्र
आगरा का किला, उत्तरप्रदेश
एलोरा की गुफाएं, महाराष्ट्र
ताजमहल, उत्तरप्रदेश
कोणार्क सूर्य मंदिर, ओडिसा
महाबलिपुरम मंदिर, तमिलनाडु
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, असम
केवलादेव राष्ट्रीय उदद्यान, राजस्थान
मानस राष्ट्रीय उद्यान, असम
गोवा के चर्च और कॉन्वेंटस, गोवा
फतेहपुर सीकरी, उत्तरप्रदेश
हम्पी के मान्यूमेंट्स, कर्नाटक
खजुराहो के मंदिर, मध्यप्रदेश
एलीफेंटा की गुफाएं, महाराष्ट्र
चोल मंदिर, तमिलनाडु
पट्टडक्कल के स्मारक, कर्नाटक
सुंदरवन राष्ट्रीय पार्क, पश्चिम बंगाल
नंदा देवी राष्ट्रीय अभ्यारण्य, फूलो की घाटी, उत्तराखंड
सांची के स्तूप, मध्यप्रदेश
हुंमायु का मकबरा, दिल्ली
कुतुब मीनार, दिल्ली
भारतीय पर्वतीय रेल, दार्जलिंग
बोधगया महाबोधी मंदिर, बिहार
भीमबैठका के शैलचित्र, मध्यप्रदेश
चंपानेर पुरातत्व पार्क, गुजरात
क्षत्रपति शिवाजी टर्मिनल, महाराष्ट्र
लाल किला,दिल्ली
जंतर-मंतर, राजस्थान
पश्चिमी घाट, महाराष्ट्र
राजस्थान के किले, जैसलमेर
ग्रेट हिमालय राष्ट्रीय उद्यान, ह्रिमाचल प्रदेश
रानी की वाव, गुजरात
चंडीगढ़ के केपिटल कामप्लेक्स, चंडीगढ़
नालंदा विश्व विद्यालय का पुरातात्विक स्थाल, बिहार
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