Ticker

6/recent/ticker-posts

पशु पक्षी सेवा से बढकर बडा कोई धर्म नही -पुरोहित

पशु पक्षी सेवा से बड़कर बड़ा कोई धर्म नहीं : पुरोहित

मोदरान जालोर
राजपुरोहित जागरवाल युवा मंडल मोदरान की तरफ से पशु पक्षीयो की सेवा के लिए पाणी की कुण्डीयो का मोदरान सरपंच राजपुरोहित गिरधारी सिंह राईगौणी और जसवंतपुरा विकास अधिकारी ( BDO) राकेशजी पुरोहित के द्वारा आज उदघाटन किया गया । समस्त राजपुरोहित जागरवाल परिवार की मौजूदगी में जागरवालो के चबूतरे  पे कुड़ी में  पानी डाल कर उदघाटन किया गिया। पूरे गांव के आसपास इन कुण्डियों को रखा जायेगा । इससे पशु पक्षी पानी पी  सकेंगे । समस्त जागरवाल युवा मंडल का राकेश पुरोहित ने तेहदिल से  आभार प्रकट किया  । ऐसे ही कार्य करे । जीव दया सबसे महान कार्य । सरपंच गिरधारीसिंह ने कहा की युवा समाज मार्गदर्शक और इस जीव् दिया  कार्य केलिये युवामंडल का अभिनन्दन वयक्त किया ।इस मोके पर युवा मण्डल के भरत गोकलाणी,राणसिंह , पेपेसिंह,हीरसिंह  और  भमरजी   जैसाजी,भमरजी प्रतापजी,  सुमेरसिंह केराणी,भिकसिंह आदि मार्गदर्शक 

बढ़ती गर्मी में लोगों को पानी मुहैया करवाने के लिए तो हर एक आगे आता है, लेकिन मोदरा के राजपुरोहित जागरवाल युवा मण्डल ने कुछ हटकर करने की ठानी है। पशुओं की सेवा के लिए मन में जज्बे को लेकर युवा मण्डल की ओर से मोदरा में विलुप्त हुई प्राचीन परम्परा को पुनर्जीवित करने की पहल की गई है। उनकी ओर से हर गली के नुक्कड़ पर पानी व खाने की कुण्डी लगाई जा रही है। युवा मण्डल के सदस्यों ने अभी तक 60 कुण्डिया तैयार करवा दी है और भी तैयार करवाई जा रही है। करीब दो हजार की घरों की आबादी के इस गांव में अभी करीब 100 कुंडियंा लगाने का लक्ष्य रखा गया है। १६ जून शाम को मोदरा सरपंच गिरधारीसिंह राजपुरोहित व वार्डपंच अमरसिंह राजपुरोहित सहित मंडल के पदाधिकारियों की मौजूदगी में उद्घाटन होगा।
परम्परा का निर्वाहण
युवा मण्डल के मदनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि पुराने समय में घर निर्माण के साथ ही घर के बाहर पशुओं के खाने-पीने के लिए कुण्डी बनाई जाती थी, लेकिन समय में बदलाव के साथ ये कुंडिया बनाना छोड़ दिया। ऐसे में इन कुण्डीयों को लगाकर पशु सेवा की भावना पुनर्जीवित करने की मन में ठानी है। 
गंदगी से बचाव
घरों में बचने वाले खाने को कुण्डियों के अभाव में गलियों में फेंक दिया जाता है। ऐसे में ये खाना बदबू मारता है। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ