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जालोर में देर रात बारिश के दौरान खूब बिजली चमकी, आइये जानते है इसके पीछे का रहस्य

जालोर में देर रात बारिश के दौरान खूब बिजली चमकी, आइये जानते है इसके पीछे का रहस्य

मोदरान न्यूज
जेजे मोदरान
अब देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून ने दस्तक दे दी है। इस समय में बारिश के दौरान बिजली गिरने से हर साल हादसे होते हैं और इसमें कई लोगों की जान तक चली जाती है। ऐसा ही एक मामला जालोर में मंगलवार देर रात बारिश शुरू होने से पहले हुआ। जालोर में मंगलवार देर रात करीब 2.30 बजे बम फटने की आवाज से भी तेज बादलों की गर्जना और बिजली चमकने की घटना हुई। यह बारिश जारी रहने तक हुआ।
आइये जानते है यह कब खतरनाक साबित होता है
अकसर ये देखने में आता है कि बारिश के दौरान लोग पेड़ के नीचे खड़े हो जाते हैं, यह सबसे ज्यादा खतरनाक है। हम बता रहे हैं इस मौसम में बिजली बनने और गिरने की पूरी कहानी। क्यों गिरती है बिजली और क्यों होते हैं हादसे…
यह रहती है बिजली गिरने की रफ्तार
मैनिट की इलेक्ट्रिकल विभाग के अनुसार बिजली आमतौर पर गरजदार हवा-पानी के दौरान पैदा होती है। यह 10 करोड़ वोल्ट तक की हो सकती है। दरअसल, बादल जब आसमान में काफी ऊंचाई पर होते हैं, तब वहां तापमान काफी कम होता है। उसी दौरान आधे जमे पानी के कणों का घनात्मक और ऋणात्मक चार्ज बदलने लगता है। इससे ये आपस में टकराते हैं और चिंगारी पैदा करते हैं। आसमान में हर सेकंड 1800 से 2000 बादलों की गर्जना होती है। आकाश से बिजली पृथ्वी पर 22,400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गिरती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि आकाश में रोज 44,000 बार बिजली चमकती है।

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