भावेश के दोस्त ने ही की थी हत्या , फिरोती के लिये दिया वारदात को अंजाम
जेजे मोदरान न्यूज
साँचोर
सांचौर हाड़ेचा के 13 वर्षीय बालक भावेश उर्फ आदित्य के अपहरण के बाद पुलिस ने सोमवार को खुलासा करते दो आरोपियो को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। जिसको लेकर पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीणा ने सोमवार
को सांचौर पुलिस थाने में प्रेस कॉन्प्रेस का आयोजन कर उक्त वारदात का पर्दाफास किया। भावेश उर्फ आदित्य की हत्या उसके ही पड़ोस में रहने वाले भावेश के साथी नरेन्द्रसिंह राजपूत
ने अपने साथी मुकेश जीनगर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। स्वयं की आर्थिक जरूरे पूरी करने के लिये नरेन्द्र सिंह ने भावेश की हत्या करने की योजना बनाई व 5 मई की सांय करीब साढे सात बजे भावेश को फोन किया व घूमने के बहाने बुलाया जिस पर भावेश तैयार हो गया।
इस दौरान यह बात अपने साथी मुकेश जीनगर को भी बता दी। इस दौरान भावेश के साथ दोनो जने घूमने के बहाने गांव के बाहर स्थित माताजी के मंदिर के पास ले गये, वहां पांच लाख की
फिरोती के लिये भावेश की हत्या कर शव को पास में स्थित खेत में नरेन्द्र सिंह के खेत की खाई में शव को गाड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी नरेन्द्रसिंह ने भावेश के पिता तारांचद को फोन कर फिरोती की रकम मांगी। जिस
पर मृतक के चाचा मांगीलाल ने उक्त वारदात की सूचना सांचौर पुलिस को दी। जिस पर पुलिस ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए हाड़ेचा क्षेत्र में डेरा डाल कार्यवाही शुरू की ।
ऐसे खुला मामले का राज : - हाड़ेचा में भावेश अपहरण के बाद हत्या मामले में पुलिस जहां अनुसंधान में लगी हुई थी, इसी दौरान वारदात के आरोपी नरेन्द्र सिंह ने 1जून 2016 को राजकीय अस्पताल के कार्मिक बाबूसिंह चौहान को
रात्रि को फोन कर 10 लाख रूपये देने की धमकी दी वहीं 4 जून को हाड़ेचा निवासी भंवरलाल सोनी को भी धमकी देकर 5 लाख रूपये फिरोंती की रकम मांगी। जिस पर पुलिस ने उक्त फोन से यूज हई सीम व मॉबाईल के एमआईआर नम्बर के आधार पर आरोपियो तक पहुंचकर पड़ताल की तो वारदात का खुलासा हुआ। फिरोती के लिये धमकी देने के लिये नरेन्द्रसिंह द्वारा उपयोग में ली गई सीम भी फर्जी होने से पुलिस को भी परेशानी का सामना करना पड़ा किन्तु आखिर मामले का
खुलासा होने के बाद पुलिस ने भी बड़ी सफलता हासिल की है।
आर्थिक जरूरत पूरा करने के लिये दिया वारदात को अंजाम :- एक ही मौहल्ले और पड़ोस में रहने व बचपन का साथी ही वारदात का आरोपी निकलेगा इसका अंदाजा सहज किसी ने भी नहीं लगाया था। पुलिस प्रारंभ में जहां अलग दिशा सें जांच कर रही थी, किन्तु बाद में मामले की दिशा अलग होने से पुलिस ने जांच का ट्रेक बदल कर नये सिरे से जांच शुरू की। जिसमें भावेश के बचपन के साथी नरेन्द्रसिंह के घुटने का दिसम्बर में ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद से वह बैड रेस्ट पर था, करीब चार माह तक बैड रेस्ट पर रहने के बाद उसे अपनी जरूरतो को पूरा करने के लिये पैसे की जरूरत थी, किन्तु वह परिवार के लोगो द्वारा चलाई जा रही आटा पिसने की चक्की पर बैठने की बजाय अलग तरह से पैसे कमाने के जुगाड़ में था। जिसके लिये मौहल्ले के दो तीन अन्य लड़के नरेन्द्र सिंह के निशाने पर थे, इस दौरान भावेश छुटिटया बिताने मुंबई से हाड़ेचा आ गया, जिस पर नरेन्द्रसिंह ने भावेश के पिता से पैसे फिरोती के रूप में लेने के लिये वारदात को अंजाम दिया।
पैट्रोल सिरीयल से वारदात को अंजाम देने का आया आईडिया :- भावेश को किस कदर मौत के घाट उतारकर फिरोती की रकम लेनी है इसका आईडिया नरेन्द्रसिंह को टीवी सीरियल क्राईम पेट्रोल से आया। पैर के ऑपरेशन के दौरान बैड रेस्ट के दौरान नरेन्द्रसिंह घर में अकेला सोया- सोया क्राईम पेट्रोल देखता था। इस दौरान उसके मन में भी पैसे कमाने के लिये इस प्रकार की वारदात को अंजाम देने का प्लान बनाया व उक्त बात अपने साथी मुकेश जीनगर को बताई। मुकेश
के साथ मिलकर भावेश की हत्या कर फिरोती में पांच लाख रूपये लेने का प्लान बनाया जिसमें 3 लाख स्वयं के लिये व दो लाख मुकेश को देने निश्चिय कर वारदात को अंजाम दिया।
प्रारंभ से ही संदेह के दायरे में था :- नरेन्द्रसिंह पुत्र भंवरसह राजपूत निवासी हाडेंचा व उसका साथी मुकेश पुत्र चन्द्रारारराम जीनगर निवासी हाड़ेचा पर पुलिस को वारदात के के बाद से ही संदेह था, किन्तु अधिकारियो के बदलते जांच के
पैनल व पूछताछ में नरेन्द्रसिंह बचता गया। किन्तु आखिर में फर्जी सीम से फिरोती के लिये धमकी देने का मामला सामने आने पर पुलिस का आरोपी तक पहुंचना और आसान हो गया। जिसके आधार पर पुलिस ने वारदात का पर्दाफास कर आरोपी
को गिरफ्तार कर लिया।
इस टीम ने किया पर्दाफास :- जालोर पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीणा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने वारदात केपर्दाफास को लेकर बड़े स्तर जांच कार्य कर खुलासा किया।
जिसमें संाचौर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वरलाल, सांचौर पुलिस उपअधीक्षक सुनिल के पंवार, सांचौर थानाधिकारी व आरपीएस मांगीलाल, झाब थानाधिकारी अचलदान, चितलवाना थानाधिकारी वगतसिंह, भीनमाल
थानाधिकारी अशोक आंजणा, जसवन्तपुरा थानाधिकारी अरविन्द पुरोहित, सरवाना थानाधिकारी बाबूलाल, भीमाराम उप निरीक्षक, हजूर खां उप निरीक्षक ने कड़ी पड़ताल के बाद मामले का खुलासा कर बड़ी सफलता प्राप्त
की।
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