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पाँच साल के बच्चे ने रखा रोजा

*पांच वर्षीय बच्चे ने रखा रोज़ा*

*क्षेत्रवासियों ने उसकी हिम्मत को किया सलाम, मांगी उसके लिए दुआए*

जेजे मोदरान
*(MODRAN NEWS के लिए रायपूर से फिरोज रंगरेज की रिपोर्ट)*

*रायपुर। रमजान के महीने में छोटे बच्चे रोजा नहीं रखा करते। इस्लाम के मुताबिक, 7 साल से कम उम्र के बच्चे रोज़ा नहीं रखते लेकिन छत्तीसगढ़ के रायपुर में  5 साल के रेयान खान ने इस रमज़ान का पहला रोज़ा रखा।*
     *रमजान के इस पाक महीना में अपने माता-पिता का रुझान, जोश और आस्था देखते हुए रेयान ख़ान ने रोज़ा रखने की इच्छा जताई और रखा। रेयान ने कहा कि वह पूरे महीने रोज़े रखना चाहता है। इतना ही नहीं, इस्लाम के सख्त नियमों को मानते हुए उसने पाक कुरआन की 'अरबी की तिलावत' भी पढ़ना शुरू कर दिया है।*
*एक राष्ट्रीय अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़ रेयान के पिता जावेद खान ने बताया कि इस्लाम में 5 साल के बच्चे को रोजे रखने की इजाजत नहीं है, लेकिन बच्चे ने अपनी जिद और आस्था के चलते रोज़ा रखा। जब हमने उसे रोकना चाहा और कहा कि इस बार यह बेहद मुश्किल है क्योंकि रमजान गर्मियों में पड़ा है तो उसने ज़िद ठान ली कि चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन वह रोज़ा ज़रूर रखेगा।*
     *पहली क्लास में पढ़ने वाले रेयान ने कुरआन का एक कायदा(पाठ) पूरा पढ़ लिया है। रोज़े के दिन जहां वयस्क लोग शाम होते-होते प्यास से तड़पने लगते हैं, रेयान पहले रोज़े के दिन इफ़्तार तक बगैर पानी के रहा और इफ्तार के समय ही उसने अपना रोज़ा खजूर के साथ खोला और  मग़रिब की अज़ान होते ही वह मुख़्तसर सा खाकर मस्जिद चला गया। हालांकि इस दौरान रेयान के परिजनों ने उसको ठीक से खाने पीने के लिए काफ़ी रोका किंतु हठी रेयान ने कहा कि उसने खजूर से रोज़ा इफ़्तार कर लिया है अब तो वह मग़रिब की नमाज़ पढ़ने के बाद ही खाना खाएगा। नन्हें रेयान द्वारा रोज़ा रखे जाने की बात जिस किसी को भी पता चली, वो उसकी हौंसला अफ़ज़ाई करने के लिए उसके लिए तोहफे लेकर चला आया। पहले रोज़े पर रेयान को ईदी के रूप में कैश, नए कपड़े और खिलौने मिले। आगे वह रोजे रखेगा या नहीं, यह पूछे जाने पर उसके माता-पिता ने कहा कि उसके लिए यह बेहद मुश्किल है लेकिन रेयान सभी रोजे रखना चाहता है। और उसके इस जज़्बे की हम दिल से क़द्र करते हैं।*

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